देश और ईमान
मेरा देश मेरा भारत बेशक एक महान मुल्क है । इस देश के चलाने वाले और इस देश में रहने वाले लोग भले ही खुद को बहुत बड़ा देश भक्त मानते हों पर असलियत कुछ और ही है । एक आम आदमी किसी पान की दूकान पे खड़ा होकर देशभक्ति की बातें करता हैं और बहुत से देशद्रोहियों के नाम गिना देता है और अगले ही कुछ पल में खाते हुए पान को किसी दीवार या सड़क पर थूक देता है ।
हमारी देशभक्ति सिर्फ तब ही क्यू जागती है जब हमें किसी और को देशद्रोही बनाना हो ?
हमारी देशभक्ति तब क्यू जागती है जब हमें पाकिस्तान को गाली देनी हो ?
हमारी देशभक्ति तब क्यू जागती है जब हमें किसी दूसरी पार्टी के नेता को बुरा बोलना हो ?
बिना टिकेट के सफर करना हमें बड़ा अच्छा लगता है , पानी या गुटखा खा कर कहीं भी थूक देना आम है हमारे लिए , कोई पेपर या रद्दी हम सड़क पे फेक देते हैं , २६ जनवरी और १५ अगस्त के दिन हम तिरंगा खरीदते हैं और अगले दिन वो सड़क पर गिरा हुआ मिलता है , क्या यही है आपकी और हमारी देशभक्ति ?
आप अपने देश को प्रतिदिन बेच रहे हो और बात करोगे देशप्रेम की , शर्म आनी चाहिए हम सबको , किसी धोका दे रहे हैं हम ? इस सरकार को जो हर ५ साल में बदल जाती है? या अपने आप को ?
ट्रैफिक - सिग्नल तोडना हमारे लिए आम बात है , पकडे जाने पे ट्रैफिक पुलिस से १००-५० ले देकर काम सुलटा लेते हो , और देश को बेच देते हो ।
कोई सरकारी काम करना हो ले देकर हो जाता है , चाहे आपको पासपोर्ट बनवाना हो या आपको अपने लिए लोन पास करवाना हो , कुछ भी होता है आपको ले देकर काम निकालना अच्छे से आता है पर शायद आपको पता नही आप उसी वक़्त अपने देश को बेच रहे हो । ये कड़वा सच आपको हज़म नही होगा पर यही सच है ।
दुश्मन हैं आप अपने ही मुल्क के , चाहे आप गला फाड़ कर कितना भी देशप्रेम ब्यान करें पर असल तो वही है जो आप करते हैं ।
कोई भी काम करने से पहले एक बार सोच ज़रूर लो की कहीं आप अपना मुल्क और अपना ईमान दोनों बेच तो नही रहे हैं ?
आप चाहे जिस धर्म के मानने वाले हों आपका धर्म आपको अपने मुल्क से मोहब्बत करना ही बताता है।
और मोहब्बत करते हो अगर अपने मुल्क से तो देश की गन्दगी दूर करो चाहे वो घूषखोरी हो , कचरा हो , अशांति हो , जात-पात हो ।
मेरा भारत महान था और हमेशा रहेगा अगर आप लोग अपना देशप्रेम सिर्फ बोलने की बजाए कर के दिखाएँ तो ।
छमा चाहता हूँ अगर किसी को इस बात का बुरा लगा हो ये मेरी अपनी सोच है ज़रूरी नही की आप इससे सहमत ही हों । आप अपनी राये निचे कमेंट में शेयर कर सकते हैं । धन्यवाद्
जय हिन्द जय भारत
मेरा देश मेरा भारत बेशक एक महान मुल्क है । इस देश के चलाने वाले और इस देश में रहने वाले लोग भले ही खुद को बहुत बड़ा देश भक्त मानते हों पर असलियत कुछ और ही है । एक आम आदमी किसी पान की दूकान पे खड़ा होकर देशभक्ति की बातें करता हैं और बहुत से देशद्रोहियों के नाम गिना देता है और अगले ही कुछ पल में खाते हुए पान को किसी दीवार या सड़क पर थूक देता है ।
हमारी देशभक्ति सिर्फ तब ही क्यू जागती है जब हमें किसी और को देशद्रोही बनाना हो ?
हमारी देशभक्ति तब क्यू जागती है जब हमें पाकिस्तान को गाली देनी हो ?
हमारी देशभक्ति तब क्यू जागती है जब हमें किसी दूसरी पार्टी के नेता को बुरा बोलना हो ?
बिना टिकेट के सफर करना हमें बड़ा अच्छा लगता है , पानी या गुटखा खा कर कहीं भी थूक देना आम है हमारे लिए , कोई पेपर या रद्दी हम सड़क पे फेक देते हैं , २६ जनवरी और १५ अगस्त के दिन हम तिरंगा खरीदते हैं और अगले दिन वो सड़क पर गिरा हुआ मिलता है , क्या यही है आपकी और हमारी देशभक्ति ?
आप अपने देश को प्रतिदिन बेच रहे हो और बात करोगे देशप्रेम की , शर्म आनी चाहिए हम सबको , किसी धोका दे रहे हैं हम ? इस सरकार को जो हर ५ साल में बदल जाती है? या अपने आप को ?
ट्रैफिक - सिग्नल तोडना हमारे लिए आम बात है , पकडे जाने पे ट्रैफिक पुलिस से १००-५० ले देकर काम सुलटा लेते हो , और देश को बेच देते हो ।
कोई सरकारी काम करना हो ले देकर हो जाता है , चाहे आपको पासपोर्ट बनवाना हो या आपको अपने लिए लोन पास करवाना हो , कुछ भी होता है आपको ले देकर काम निकालना अच्छे से आता है पर शायद आपको पता नही आप उसी वक़्त अपने देश को बेच रहे हो । ये कड़वा सच आपको हज़म नही होगा पर यही सच है ।
दुश्मन हैं आप अपने ही मुल्क के , चाहे आप गला फाड़ कर कितना भी देशप्रेम ब्यान करें पर असल तो वही है जो आप करते हैं ।
कोई भी काम करने से पहले एक बार सोच ज़रूर लो की कहीं आप अपना मुल्क और अपना ईमान दोनों बेच तो नही रहे हैं ?
आप चाहे जिस धर्म के मानने वाले हों आपका धर्म आपको अपने मुल्क से मोहब्बत करना ही बताता है।
और मोहब्बत करते हो अगर अपने मुल्क से तो देश की गन्दगी दूर करो चाहे वो घूषखोरी हो , कचरा हो , अशांति हो , जात-पात हो ।
मेरा भारत महान था और हमेशा रहेगा अगर आप लोग अपना देशप्रेम सिर्फ बोलने की बजाए कर के दिखाएँ तो ।
छमा चाहता हूँ अगर किसी को इस बात का बुरा लगा हो ये मेरी अपनी सोच है ज़रूरी नही की आप इससे सहमत ही हों । आप अपनी राये निचे कमेंट में शेयर कर सकते हैं । धन्यवाद्
जय हिन्द जय भारत