Saturday, 29 December 2018

भारत माता की जय

साथ में काम करने वाले विवेक और रिज़वान ऑफिस के बहार एक चाय की दूकान पे बैठे चाय के साथ साथ अख़बार टटोल रहे थे, ये उनका रोज़ का ही काम था।  लंच के समय वो रोज़ ही चाय पिने यहाँ आते और अख़बार के साथ चाय का आनंद लेते। आज विवेक ने अख़बार में एक खबर देखि जो हम रोज़ ही टेलीविज़न डिबेट में देखते हैं। वो खबर मुसलमनो से उनका देश प्रेम ज़ाहिर करने के ऊपर थी. मुस्लिम आखिर "भारत माता की जय" या "वन्दे  मातरम" क्यों नहीं कहते ? क्या उन्हें इस मुल्क से मोहब्बत नहीं है? किसी नेता का ब्यान भी था जो  मुसलमनो को पाकिस्तान जाने को कह रहे थे।  

विवेक ने आज रिज़वान से पूछ ही लिया की आखिर बात क्या है? क्या राज़ है इसके पीछे? रिज़वान हस्ते हुए बोला कोई बड़ा राज़ नहीं है भाई , बस इनमे कुछ बातों का मतलब इस्लाम के नज़रिये से सही नहीं है इसलिए हम परहेज़ करते हैं। और फिर सिर्फ मेरा इतना कहना और न कहना मेरा देश प्रेम तो साबित नहीं कर सकता ना। विवेक ने रिज़वान की बात से सहमति दिखाई और दोनों चाय के साथ अख़बार देखने लगे। 

पर पास में ही एक पान/सिगरेट की दूकान में खड़े कुछ जवान लड़के इनकी बात सुन रहे थे , उन्होंने ने रिज़वान की खिचाई करनी चाही और उनमे से एक लड़का जिसके मुँह में पान भरा था बोला "अबे मुल्ले , भारत माता की जय बोलकर दिखा" ये वही लोग थे जो रोज़ टीवी पर हिन्दू-मुस्लिम डिबेट देख कर अपने दिल में नफरत भर चुके थे। रिज़वान उस बात पे ध्यान ना देता हुआ अख़बार में देखने लगा , उन्होंने ने फिर वही कहा, रिज़वान फिर चुप रहा।  पर इस बार विवेक बोल पड़ा की भाई आप लोग अपना काम करो। इतना कहना था की वो लोग रिज़वान की तरफ आये और बदतमीज़ी करने लगे।  विवेक ने उन्हें हटाना चाहा तो विवेक से भी मर पिट पे उतर आये।  फिर वही हुआ जो होता आ रहा है , एक भीड़ की शकल में कुछ देशभक्त रिज़वान और विवेक को पीटने लगे और साथ में चिलाते रहे "भरता माता की जय, भारत माता की जय
इन देशभक्तों ने एक एहसान किया की दोनों को ज़िंदा छोड़ दिया , कपडे फाड़ दिए थे दोनों के , मुँह से खून निकलने लगा था। और फिर देशभक्त पान की पिचकारियां सड़क पे थूकते हुए आगे बढ़ गए। 

उसके बाद रिज़वान और विवेक एक दूसरे के सहारे उठे फिर अपने फटे हुए कपडे सड़क से उठा कर पास में रखे कचरे के डब्बे में दाल दिया। पास में ही एक गाँधी जी का पोस्टर लगा था "स्वच्छ भारत" अभियान के लिए। 
रिज़वान ने "भारत माता की जय " तो नहीं कहा पर अपने मुल्क को गन्दा भी नहीं करना चाहता। 

आखिर और क्या है देश प्रेम ? कुछ करना या कुछ कहना ? आप ही सोचें। 

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